प्रभु यीशु की वंशावली अध्यायपुनरुत्थान और विवाह

प्रभु यीशु की वंशावली अध्यायपुनरुत्थान और विवाह

प्रभु यीशु की वंशावली

अध्यायपुनरुत्थान और विवाह 

साथियोंआज हम यहांप्रभु यीशु के द्वारा पुनरुत्थान और विवाह के विषय मेंजो यह कहते हैं की पूर्ण रात पुनरुत्थान है



ही नहीं उसके पास आकर पूछने लगे गुरु हमारे लिए मूसा ने एक व्यवस्था लिखी है कि यदि किसी का भाई की संतान मर जाए और अपने पीछे पत्नीको छोड़लेअपनेजो यह कहते हैं की पूर्ण रात पुनरुत्थान है ही नहीं उसके पास आकर पूछने लगे गुरु हमारे लिए मूसा ने एक व्यवस्था लिखी है कि यदि किसी का भाई की संतान मर जाए और अपने पीछे पत्नी को छोड़ जाए तो उसका भाई उसकी पत्नी को विवाह ले और अपने भाई के लिए संतान उत्पन्न करें सात भाई थे पहले भाईविवाह करके की संतान मर गया तब तबदूसरे भाई नेउसे स्त्री से विवाह किया और बिना संतान मर गया और तीसरे ने भी ऐसा ही किया और सातों से कोई संतान न हुई अंत में वही स्त्री भी मर गईपुनरुत्थान होने पर जब वह जीवित हो उठेंगे तो वह किसकी पत्नी होगी क्योंकि वह साटन की पत्नी रह चुकी थी
 

यीशु ने उनसे कहा क्या तुम इस कारणभूल में नहीं पड़े हो कि तुम ना तो पवित्र शास्त्र को समझते हो और नहीं परमेश्वर के समर्थ को क्योंकि जब लोग मृतकों में से जी उठाते हैं तो वह ना विवाह करते और ना ही विवाह में दिए जाते हैं वरुण वे स्वर्ग में तत्वों के समान होते हैंऔर इस तथ्य के विषय में कि मृतक पुणे की उठाते हैं क्या तुमने मूसा की पुस्तक में जलती हुई झाड़ी का वर्णन नहीं पड़ा कि परमेश्वर ने किस प्रकार उससे कहामैं इब्राहिम का परमेश्वर और इस हाफ का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर वह मृतकों का नहीं परंतु जीवितो का परमेश्वर है तुम बड़ी भूल में पड़े हो 

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