यीशु की वंशावली
अध्याय सबसे बड़ा कौन
दोस्तोंप्रभु यीशु के द्वाराइस वचन के
माध्यम से बताया गया है किसबसे बड़ाकौन हैजब वह घर में था तो उसने उनसे पूछा मार्ग
में तुम क्या विवाद कर रहे थे परंतु हुए चुप रहे क्योंकि मार्ग में उन्होंने आपस
में वाद विवाद किया था कि हमें से बड़ा कौनबैठने की पश्चात उसने बाहर हूं को
बुलाया और उनसे कहा यदि कोई प्रथम स्थान चाहे तो सबसे अंतिमहो और सब का सेवक बनेतब
उसने एक बच्चे को लेकर उनके मध्य में खड़ा कियाऔर उसे गोद में लेकर उनसे कहा जोकोई
मेरे नाम सेकिसी ऐसे बच्चों को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है और जो मुझे
ग्रहण करता है कि वह मुझे नहीं अभी तो उसे ग्रहण करता है जिसने मुझे भेजा
हैयूहन्ना ने उससे कहाहे गुरु हमने किसी को तेरे नाम से दुष्ट आत्माएं निकलते देखा
और उसे रोकने का प्रयत्न किया क्योंकि वह हमारा साथी नहीं था परंतु यीशु ने कहा
उसे मत रोको क्योंकि ऐसा कोई नहीं जो मेरे नाम से आश्चर्य कम करें और इसके तुरंत
बाद मुझे बुरा कह सके क्योंकि जो हमारे विरोध में नहीं वह हमारे साथ है जो कोई
तुम्हें मसीह का होने के कारण एक गिलास पानी पिलाया तो मैं तुमसे सच कहता हूं कि
वह अपना प्रतिफल कड़ा की ना खोएगा
ठोकर खिलौने वाला
जो कोई विश्वास करने वाले इन चोटों में
से एक को भी ठोकर खिलाई तो अच्छा होता कि उसके गले में भारी चक्की का पाठ लटका कर
उसे समुद्र में डाल दिया जाता और यदि तेरा हाथ तुझे ठोकर खिलाई तो उसे काट कर फेंक
दें तेरे लिए यह भला है कि तू अधीन होकर जीवन में प्रवेश करें इसकी अपेक्षा की दो
हाथ रहते हुए तू नर्क में अर्थातउसे ना पूछने वाली आग में डाला जाए यदि तेरा पर
तुझे ठोकर खिलाई तो उसे काट कर फेंक देंलंगड़ा होकर जीवन में प्रवेश करना इससे
उत्तम है कि तू दोपहर रखते हुए नर्क में डाला जाए यदि तेरी आंखे तुझे ठोकर खिलाई
तो उसे निकाल देंनिकल फेकउत्तम यह है कि तू काला होकर परमेश्वर के राज्य में
प्रवेश करें अपेक्षा इसके कि तू दो आंखें रहते हुए नर्क में डाला जाए जहां उनका
किला नहीं मारता और ना आप ही पूछती है क्योंकि प्रत्येक जान आज से नमकीन किया
जाएगानमक अच्छा है परंतु यदिनमक का नमक अच्छा है परंतु यदि नमक का स्वाद मिट जाए
तो उसे फिर कैसे नमकीन करोगे अपने में नमक रखो और आपस में मेल मिलाप से रहो
तलाक का प्रश्न
वह वहां से उठकर गार्डन नदी के पर
यहूदी दिया क्षेत्र में आया और भीड़ फिर उसके पास इकट्ठी हो गई और अपनी रीति के
अनुसार वह उन्हें फिर से उपदेश देने लगा तब कुछ हरी सी उसकी परीक्षा करने के लिए
उसके पास आए और उसे पूछने वालों की क्या किसी पुरुष के लिए अपनी पत्नी को त्याग
देना न्याय उचित है उसने उनसे कहा मूसा ने तुम्हें क्या आज्ञा दी है उन्होंने कहा
मूसा ने मनुष्य को आज्ञा दी है कि वह त्यागपत्र लिखकर स्त्री को निकाल दे परंतु यह
सुन उनसे कहाउसने यह आ गया तुम्हारा मन की कठोरता के कारण लिखिए परंतु सृष्टि के
आरंभ से परमेश्वर ने उन्हें न और नारी बनाया इस कारण मनुष्य अपने माता-पिता को
छोड़ देगा और यह दोनों एक तन होंगे फाल्ट है अब वह दो नहींपर एक तन है इसलिए जिसे
परमेश्वर ने जोड़ा है उसे कोई मनुष्य अलग ना करें और केले घर में आकर इस विषय में
उसे फिर पूछने लगे उसने उनसे कहा जो कोई अपनी पत्नी को तलाक देकर दूसरी स्त्री से
विवाह करें वह उसके विरुद्ध वह विचार करता है और स्त्री भी यदि अपने पति को तलाक
देकर दूसरे पुरुष से विवाह करती है तो वह भी वह विचार करती हैगलत काम करती है
बच्चों को आशीर्वाद
फिर लोग बच्चों को उसके पास लाने वालों
की वह उन्हें स्पर्श करें परंतु चेलों ने उन्हें डाटा यह सुन जब यह देखा तोक्रोधित
होकर उनसे कहा बच्चों को मेरे पास आने दो उन्हें मना ना करो क्योंकि परमेश्वर का
राज्यऐसा ही का हैमैं तुमसे सच कहता हूं जो कोई परमेश्वर के राज्य को बच्चों की
भांति ग्रहण नहीं करता वह उसमें कदापि प्रवेश करने ना पायेगा तब वह उनको गोद में
लेकरऔर उन पर हाथ रखकर उन्हें आशीष देने लगा और जब वह यात्रा पर जाने को था तो एक
मनुष्य दौड़ता हुआ उसके पास आया और घुटने टेक कर उसे पूछने लगा ही उत्तम गुरु तू
भला है अनंत जीवन का अधिकारी होने के लिए मैं क्या करूं यीशु ने उससे कहा तू मुझे
उत्तम क्यों कहता है परमेश्वर के अतिरिक्त कोई उत्तम नहीं तू आजा को तो जानता है
हत्या न करना वह विचार न करना चोरी ना करना झूठी साक्षी ना देनाचल ना करना अपने
पिता और अपनी माता का आदर करनाउसने उससे कहा है गुरुमैं बचपन से ही इन सब बातों का
पालन करता आया उसे देखकर यीशु को प्यार आया और उसने कहा तुमने अब भीएक बात की कमी
हैजा जो कुछ तेरा है उसे बेचकर गरीबों में बांट दी और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगाऔर
आकर मेरे पीछे चल यह वचन सुनकर उसके मुंह मिलन हो गया और वह दुखी होकर वहां से चला
गया क्योंकि वह बहुत धनी था यह सुनने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा धनवानो के
लिए परमेश्वर के राज्य में प्रवेशकरना किसी धनवान का प्रवेश करने की अपेक्षाऊंट का
एक सुई के नाके में से निकल जाना अधिक सरल है वह और भी अधिक विस्मित होकर पूछने
लगे तब किसका उधर हो सकता हैयीशु ने उनकी ओर देखकर कहा मनुष्य के लिए यह संभव है
परंतु परमेश्वर के लिए नहीं है क्योंकि परमेश्वर के लिए सब कुछ संभव है पतरस उसे
कहने लगा देख हम तो सब कुछ छोड़ कर तेरे पीछेकोलीमैंऐसाजीऔर परंतु बहुत से जो
प्रथम हैअंतिम होंगे और जो अंतिम है प्रथम होंगे
अपनी मृत्यु और अपने पुनरुत्थान
कीभविष्यवाणी
वे जेरूसलम जाते हुए मार्ग में थे और
यीशु उनके आगे आगे चल रहा था और भी चकित थी तथा जो पीछे चले आए थेवह भाई भी थे वह
फिर 12वीं कोअलग ले गया देखो हम जेरूसलम जा
रहे हैं और वह उसे प्राण दंड के योग ठहर कर गैर यहूदियों को सौंपेंगे और भी उसका
उपवास करेंगे उसे पर थूकेंगे उसे घोड़े मारेंगे और मार डालेंगे और तीन दिन के
पश्चात वह पुणे की उठेगा तब जब डी के दो पुत्र याकूब और बहाना उसके पास आकर कहने
लगे है गुरु हम चाहते हैं कि जो कुछ हम तुझे मांगे वह तू हमारे लिए करें और उसने
उनसे कहा तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिए करूं उन्होंने उससे कहा तेरी
महिमा मेंहम में से एक तेरे दाहिने और और दूसरा तेरे बाय बैठे परंतु यीशु ने उनसे
कहा तुम नहीं जानते कि क्या मांग रहे हो जो प्याला मैं पीने पर हूं क्या तुम पी
सकते हो यहांजोबबीता स्मार्ट परंतु तुम में ऐसा नहीं है वरन जो कोई तुमने बड़ा
बनना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने और जो तुम मेंप्रधान होना चाहिए वह सब का दास बने
क्योंकि मनुष्य का पुत्र भी अपनी सेवा करने नहीं वरन सेवा करने और भूतों की फिरौती
के मूल्य में अपना प्राण देने आया है


0 Comments
Please do not enter any spam Link in the comment box