शपथ बदला शत्रुओं से प्रेम
फिर तुमसुन चुके हो कि पूर्वजों से कहा गया था तुम झूठी शपथ ना खाना पर प्रभु के लिए अपनी शपथ में पूरी करना परंतु
मैं तुमसे कहता हूं कि कभी शपथ ना खाना ना तो स्वर्ग की क्योंकि वह परमेश्वर का सिंहासन है ना ही धरती की क्योंकि वह उसके चरणों की चौकी है ना ही जेरूसलमकी क्योंकि यहमहाराजाधिकार राज्य का नगर है अपने सिर कीभी शपथ ना खाना क्योंकि तू अपने एक बाल को भी सफेद या कल नहीं कर सकता परंतु तुम्हारी बात हांकी हां अथवा नहीं कि नहीं हो क्योंकि जो कुछ इसे अधिक होता है शैतान की ओर से होता है तुमने सुना है कि कहा गया था आंख के बदले आंख और दांत के बदले दांत परंतुमैं तुमसे कहता हूं कि बुरे का सामना न करना वर्ण जो तेरे दाहिने गाल पर थप्पड़ मारे उसकी और दूसरा भी फेर दें और यदि कोई तुझ पर नालिश करके तेरी कुर्ता लेना चाहे तो उसेकोर्ट भी ले लेने दें और यदि कोई तुझेबेकार में एक किलोमीटर ले जाए तो उसके साथ 2 किलोमीटर चला जा जो तुझे मांगे उसे दे और जो तुझसे उधार लेना चाहे उसे मुंह ना मोड
तुम सुन चुके हो कि कहा गया था तू
अपने पड़ोसी से प्रेम करना और शत्रु से बैर परंतु मैं तुमसे कहता हूं अपने शत्रुओं
से प्रेम करो और जो तुम्हें सताते हैं उनके लिए प्रार्थना करो जिससे कि तुम अपने
स्वर्ग के पिता की संतान बन सको क्योंकि वह अपना सूर्यभालू और ब्यूरो दोनों पर उदय
करता है और धर्मियों तथा अधर्मियों दोनों पैर में दर्शाता है क्योंकि यदि तुम उनसे
प्रेम रखते हो जो तुमसे प्रेम रखते हैं तो तुम्हें क्या प्रतिफल मिलेगा क्या मैसूर
लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते यदि तुम केवल अपने भाइयों को ही नमस्कार करते हो तो
कौन सा बड़ा कार्य करते हो क्या गैर यहूदी भी ऐसा ही नहीं करते अतः तुम सिद्ध बानो
जैसा कि तुम्हारा स्वर्गीय पिता सिद्ध है
दान
सावधान तुम अपनी धार्मिकता के
कार्य मनुष्यों को दिखाने के लिए ना करो अन्यथा अपने स्वर्गीय पिता से कोई भी
प्रतिफल प्राप्त ना करोगे इसलिएजब तू दान करें तो अपने आगे दूर ही मत बजवा जैसे
पाखंडी लोग सभाओं और गलियों में करते हैं कि लोग उनका सम्मान करें मैं तुमसे सच
कहता हूं कि वह अपना प्रतिफल मूल रूप से का चुके हैं परंतु जबतू दान करें तो
तेराबाया हाथ जन ना पाए कि तेरा दाहिना हाथ क्या कर रहा है जिसे तेरा दान गुप्त
रहे और तेरा पिता जो गुप्त में देखा है तुझे प्रतिफल देगा
प्रार्थनातथा उपवास
जब तू प्रार्थना करें तो
पाखंडियों के सदस्य ना हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिए आराधनालियों और सड़कों
के मुद्दों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उनका प्रिय लगता है मैं तुमसे सच कहता हूं
कि वह अपना पूरा प्रतिफल आ चुके परंतु तू जब प्रार्थना करें तो अपने भीतरी कक्षा
में जा और द्वारा बंद करके अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर और तेरा
पिता जो गुप्त में देखा है तुझे प्रतिफल देगा और जब तू प्रार्थना करें तो गैर
यहूदियों की तरह अर्थहीन बातें ना तोहरा क्योंकि वह सोचते हैं कि उनके अधिक बोलने
से उनकी सुनी जाएगी इसलिए उनके सदस्य ना बना क्योंकि तुम्हारा पिता मांगने से
पूर्व ही तुम्हारी आवश्यकता को जानता है
अतः तुम इस प्रकार प्रार्थना
करनाहै हमारे पिता तू जो स्वर्ग में है तेरा नाम पवित्र माना जाए तेरा राज्य आए
तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है वैसे ही पृथ्वी पर भी पूरी हो हमारे
दिनभर की रोटी आज हमें दे और जैसे हमने अपने अपराधियों को जमा किया है वैसे ही तू
भी हमारे अपराधों को क्षमा कर और हमें परीक्षा में ना डाल परंतु बुराई से बचा
क्योंकि राज्य पराक्रम और महिमा सदा तेरी ही हैं आमीन
यदि तू मनुष्यों के अनुरोध
क्षमाकरोगे तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा परंतु यदि तुम
मनुष्यों को क्षमा ना करोगे तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा नहीं करेगा
जब कभी तुम उपवास करो तो पाखंडियों के समान उदास दिखाई ना दो क्योंकि वह अपना मुंह
मिलन बनाए रखते हैं जिससे कि मनुष्य को उपवासी दिखाई दें मैं तुमसे सच कहता हूं कि
वह अपना पूरा-पूरा प्रतिफल का चुके हैं परंतु तू जब उपवास कर तो अपने सिर पर तेल
लगा और मुंह धो जिससे कि तू मनुष्यों को उपवास ही दिखाई ना दे परंतु अपने पिता को
जो गुप्त में है और तेरा पिता जो गुप्त में देखा है तुझे प्रतिफल देगा
स्वर्गीय धन
अपने लिए पृथ्वी पर धन संचय मत
करो जहां कीड़ा और जंग नष्ट करते हैं और जहां कर सेंड लगाकर चोरी करते हैं परंतु
अपने लिए स्वर्ग में धन संचय करो जहां न कीड़ा और ना जंग नष्ट करते हैं और नहीं कर
सेंट लगाकर चोरी करते हैं क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा डे
का दीपक आंख है इसलिए यदि तेरी आंख निर्मल है तो तेरी समस्त दे प्रकाश मां होगी
परंतु यदि तेरी आंख बुरी हो तो तेरी समस्त देश अंधकार में होगी इसलिए जो ज्योति
तुझ में है यदि वही अंधकार है तो यह अंधकार कैसा घर होगाकोई भी व्यक्ति दो
स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता क्योंकि वह या तो एक सेवक और दूसरे से प्रेम करेगा
या एक से घनिष्ठ रखेगा और दूसरे को टच जाने का तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा
नहीं कर सकती


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