महिला तथा अनचाहा गर्भ से बचाव

महिला तथा अनचाहा गर्भ से बचाव

महिला तथा अनचाहा गर्भ

 

 


परिचय

पति-पत्नी गर्भ की योजना क्यों नही बना पाते

एक उदाहरण

 

परिचय

यह सामान्य सी बात है कि पुरुष के साथ यौन सम्बन्ध बनाने से महिला गर्भवती होती है| हम यह भी जानते है कि पति या पत्नी के द्वारा गर्भनिरोधक के प्रयोग करना चाहिए|

 

यौन सम्बन्ध स्थापित करने पर उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि गर्भ ठहर सकता है| यदि वे गर्भ नहीं चाहते हैं तो उन्हें गर्भनिरोधक का प्रयोग करना चाहिए|

 

पति-पत्नी गर्भ की योजना क्यों नही बना पाते

 

 

उन्हें गर्भनिरोधक की जानकारी नहीं रहती है| आज रेडियो, टी. वी. हर जगह कंडोम, खाने की गोली जैसी गर्भनिरोधक का प्रचार होता है| परन्तु अभी भी बहुत से दम्पतियों को इसकी जानकारी नहीं है|

गर्भनिरोधक के बारे में पूछने पर संकोच करना

अधिकतर दम्पतियों को गर्भनिरोधक के बारे में पता होता है| वे जानते हैं कि इसके प्रयोग से गर्भ ठहरने से रोका जा सकता है| परन्तु इसके बाते में बातचीत या पूछने पर उन्हें संकोच होता है| इस पर चर्चा नहीं करना एक सामान्य सी बात है| विशेषकर नौजवान और नए शादीशुदा वालों पर यह विशेष रूप से लागू होता है|

 

ग्रामीण क्षेत्रों में कॉपर-टी और नसबंदी जैसी सेवाओं का न होना एवं कुछ अंधविश्वास भी इसका एक महत्वपूर्ण` कारण है|

बहुत से पति-पत्नी ऐसा सोचते है कि किसी नियत समय में गर्भ नहीं ठहरेगा| ऐसा समय देखकर वे एक मौका लेना चाहते हैं|

अनचाहे गर्भ की सबसे ज्यादा घटनाएँ शादीशुदा लोगों के बीच होती है| लेकिन अविवाहित युवतियों के साथ भी ऐसा होता है| ऐसा होने पर वे परेशान हो जाती हैं| वे इस  बात की चर्चा किसी से नहीं कर पाती है| कभी ऐसा भी होता है की गर्भ-निरोधक से इस्तेमाल के बावजूद भी गर्भ ठहर जाता है| परन्तु इसकी संभावना कम होती है|

 

एक उदाहरण

मोहन और उषा  के तीन बच्चे हैं| दो लड़का और एक लड़की| एक बार नजदीक के शहर में नसबंदी का एक एक शिविर लगा| मोहन और उषा ने आपस में तय किया कि इसका लाभ उठाया जाये| उषा ने अपना ऑपरेशन कराने का निश्चय किया उसकी दूसरी सहेलियों ने भी शिविर में ऑपरेशन कराया था|

 

उषा ने अपना ऑपरेशन करवा लिया| ऑपरेशन के तीन वर्षों बाद तक उषा को कोई परेशानी नहीं थी| उसकी माहवारी भी नियमित होती थी|

 

अचानक एक दिन उषा ने पाया कि पिछले सात सप्ताह से उसकी माहवारी बंद है| उसने यह बात अपने पति मोहन को बताई| मोहन चिंतित हो गया| उसने उषा के गर्भ की जाँच कराने का निश्चय किया| जाँच में उषा गर्भवती पाई गई|

 

तब मोहन डॉक्टर से मिला| उसे पूरी बात बताई| डॉक्टर ने उसे बताया कि बंध्याकरण के ऑपरेशन के बावजूद महिला गर्भवती हो सकती है| परन्तु दस हजार मामलों में से एक ऐसा होता है|

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