गर्भधारण रोकने के घरेलू उपाय तथा पारंपरिक साधन

गर्भधारण रोकने के घरेलू उपाय तथा पारंपरिक साधन

गर्भधारण रोकने के घरेलू उपाय तथा पारंपरिक साधन

हर समुदाय में गर्भधारण रोकने के पारंपरिक साधन प्रचिलित हैं | इनमें से कई बच्चों की संख्या सीमित रखने में फाफी उपयोगी होते हैं हालांकि ये आधुनिक गर्भ निरोधक साधनों जितने प्रभावी नहीं होते हैं | यह भी सही है कि कुछ पारंपरिक साधन बिल्कुल भी प्रभावी नहीं होते हैं और कुछ तो काफी हानिकरक भी हो सकते हैं |

 


प्रभावी पारंपरिक साधन

 

संभोग के बीच में ही लिंग निकाल लेना (कोयटस इंटरपटस”) | इस तरके में पुरुष वीर्य स्खलन से पहले ही महिला की योनि में से लिंग निकाल लेता है | यह तरीका काफी सफल कहा जाता है और इसका काफी व्यापकता से उपयोग किया जाता है | हालांकि कभी-कभी सफल पुरुष वीर्य स्खलन से पहले ही लिंग निकल नहीं पाता है | अगर पुरुष समय पर लिंग निकाल भी ले तो वीर्य स्खलन से पहले निकलने वाले द्रव्य में कुछ शुक्राणु उपस्थित हो सकते हैं और वे गर्भ ठहरा सकते हैं |

 

बच्चे के जन्म के पश्चात महिला व पुरुष को अलग कर देना | कुछ समुदायों में दम्पत्ति बच्चे के जन्म के बाद महीनों या एक वर्ष तक संभोग नहीं करते हैं | इससे महिला को नवजात बच्चे की देखभाल के लिए समय मिलता है और वह दुसरे गर्भ ठहरने के डर के बिना अपने शरीर को शक्ति फिर से प्राप्त कर सकती है |

 

ऐसे पारंपरिक साधन जो प्रभावकारी नहीं हैं, या जो हानिकारक हो सकते हैं

 

जादू टोना गर्भधारण को नहीं रोक सकते हैं |

 

योनि की जड़ी- बूटियों या पाउडरों के घोल से तराई करने से गर्भधारण नहीं रुकता है | वीर्य में उपस्थित शुक्राणु बहुत तेजी से गतिशील होते हैं | और इससे पहले कि वे धोकर बाहर किये जाएं, उनमें से कुछ गर्भाशय में प्रवेश कर जाते हैं|

 

संभोग के बाद पेशाब करने से गर्भधारण की रोकथाम नहीं हो सकती है | हालांकि ऐसा करने में मूत्र तंत्र के संक्रमणों की रोकथाम में सहायता मिल सकती है |

 

बंधीकरण

(और बच्चे न होने का ऑपरेशन)

 

ये वे ऑपरेशन है जिसके कारण महिला व पुरुष के लिए और बच्चे पैदा करना लगभग असंभव हो जाता है | चूँकि ये ऑपरेशन स्थायी होते हैं इसलिए इन्हें केवल उन्हीं महिलाओं व पुरुषों के द्वारा ही करवाना चाहिए जिन्हें निश्चित रूप से और बच्चे नहीं चाहिए |

 

पुरुष बंधीकरण (नसबंदी), महिला बंधीकरण (नसबंदी) के अपेक्षा अधिक आसान, सस्ता तथा सुरक्षित हैं | इसके बाद पूर्णतया स्वस्थ होने में कम समय लगता है और जटिलताएं भी कम होती हैं |

 

इनमें से कोई भी ऑपरेशन करवाने के लिए आपको स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाना चाहिए | इनमें की जाने वाली शल्य चिकित्सा सुरक्षित व कम समय वाली होती है और उसके कोई बुरे असर भी नहीं होते हैं ;

 

पुरुषों के लिए ऑपरेशन (नसबंदी)

 

यह एक सरल ऑपरेशन हैं जिसमें उन नालियों को काट दिया जाता है जो शुक्रकोषों से शुक्राणुओं को लिंग तक ले जाती है | पुरुष के शुक्रकोषों को काटा नहीं जाता है | इसे ऑपरेशन को हर उस स्वास्थ्य केंद्र में किया जा सकता है जहां प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी हो | इसके करने में केवल कुछ मिनट ही लगते हैं|

 

चाकू रहित नसबंदी ( नो स्केलपल वासेक्टमी)

 

यह एक नई परक्रिया हैं जिसमें तवचा में चीरा देने की बजाय केवल एक छोटा सा छेद किया जाता है | इससे दर्द कम होता है और इसके बाद स्वास्थ्य लाभ करने में समय कम लगता है | दुष्प्रभाव भी नगण्य होते हैं |

 

नसबंदी के ऑपरेशन से पुरुष का पौरुष, संभोग करने की इच्छा व शक्ति, संभोग में संतुष्टि व समर्थ आदि पर बिल्कुल भी असर नहीं पड़ता है और न ही उसकी मर्दानगी या शारीरिक शक्ति कम होती हिं | उसे इसके बाद भी वीर्य का स्खलन होता है, परन्तु उसमें शुक्राणु नहीं होते हैं | वीर्य में शुक्राणु की उपस्थिति बिल्कुल समाप्त होना तभी सुनिश्चित  हो सकता है जब ऑपरेशन के पश्चात वह कम से कम 20 बार वीर्य स्खलन करे | यह सलाह दी जाती है कि ऑपरेशन के 2 महीने बाद वह अपने वीर्य की जांच करवाए ताकि यह देखा जा सके की उसमें शुक्राणु हैं या नहीं | अगर उसमें तब भी शुक्राणु पाए जाते हैं तो पुरुष को कंडोम का प्रयोग करना चाहिए | इस दौरान आप अपने दियामी गर्भनिरोधक का प्रयोग जरी रखें |

 

नसबंदी करवाने वाले पुरुष सीढियां चढ़ना जारी रखें | साइकिल चलाना या खेत पर काम करने जैसी शारीरिक कार्य करने में कोई कठिनाई नहीं आती है |

 

महिलाओं के लिए ऑपरेशन (नसबंदी)

 

नालबंदी का ऑपरेशन, नसबंदी का ऑपरेशन की तुलना में थोडा कठिन होता है परंतु फिर भी यह एक बहुत सुरक्षित ऑपरेशन है | इससे लगभग 30 मिनट लगते हैं |

 

इसके लिए 2 तरीके प्रयोग किए जाते हैं | मिनी लैप्रोत्मी (मिनी लैप्स) और लैप्रोस्कोपी यह दोनों ही स्थायी साधन हैं और किसी प्रिशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा ही किए जाने चाहिए |

 

मिनी लैप्रोत्मी (मिनी लैप्स)

 

महिला के पेट में 2 इंच का चीरा लगाया जाता है और फैलोपियन नलिकाओं को (जो अंडे को गर्भाशय तक ले जाती है ) पकड़ कर बांध दिया जाता है या बांध कर काट दिया जाता है | यह प्रसव के तुरंत पश्चात करना काफी सरल होता है क्योंकि गर्भाशय पेट में काफी उपर होता है | इस ऑपरेशन से महिला की संभोग की इच्छा या उसका आनंद उठाने की शक्ति कम नहीं होती है |

 

लैप्रोस्कोपी

 

नाभि के उपर एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है | फैलोपियन नलिकाओं को पहचान कर पकड़ने के लिए लैप्रोस्कोप नामक यंत्र से तत्पश्चात, इन नलिकाओं को क्लिप से बांध दिया जाता है |

 

बंधीकरण एक स्थायी साधन है | तदापि आपातकालीन स्थिति में फैलोपियन नलिकाओं को फिर से खोलना संभव नहीं है हालांकि यह एक लंबी, पेचीदा व महंगी प्रक्रिया है जो केवल कुछ विशेष केन्द्रों में ही संभव हैं और जिसकी सफलता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है|

 

महत्वपूर्ण

 

बंधीकरण से एच.आई.वी./ एड्स तथा अन्य एस.टी.डी से कोई सुरक्षा नहीं होती है | इसलिए आपको इन रोगों से बचाव के लिए अन्य तरीकों के बारे में सोचना होगा |

 

परिवार नियोजन के आपातकालीन साधन

 

परिवार नियोजन के आपातकालीन साधन वे तरीके हैं जिनसे असुरक्षित संभोग के बाद गर्भधारण से बच सकती हैं | ये साधन निषेचित अंडे को गर्भाशय में स्थापति होने से रोकते हैं | ये तभी प्रभावी हैं जब इन्हें असुरक्षित संभोग के तुरंत पश्चात शीघ्रातिशीघ्र प्रयोग किया जाए|

 

आपातकालीन साधन सुरक्षित व प्रभावी होते हैं परंतु इनका नियमित गर्भ निरोधन के लिए प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए | इनको बार-बार प्रयोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है |

 

आपातकालीन गोलियां

 

आपातकालीन गर्भ निरोधक गोलियां वहीं सयुंक्त गर्भ निरोधक गोलियां है जिन्हें अनके महिलाएं रोज प्रयोग करती हैं परंतु आपातकाल में आप इनकी अधिक मात्रा थोड़े समय में लेती हैं | अगर असुरक्षित संभोग के बाद गर्भ धारण व अनावश्यक गर्भपात रोकना है तो यह जरूरी है कि इनका प्रयोग शीघ्रातिशीघ्र- हो सके तो 72 घंटों में ही किया जाए |

 

ये गोलियां तब कार्य नहीं करेंगी अगर आप पहले से ही गर्भवती हैं या आपने असुरक्षित संभोग 2 दिन पहले किया था |

 

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग किस प्रकार करें ?

 

ओवरल/ ओवरल जी( नोरजैस्ट्रेल 0.50 मि० ग्रा० + एथिनाईल इस्ट्राडयोल 0.50 मि० ग्रा०) असुरक्षित संभोग के बाद 73 घंटों के अंदर, 2 गोलियां एक साथ लें और 2 गोलियां की दूसरी खुराक 12 घंटे बाद लें |

 

माला डी ( नोरजैस्ट्रेल 0.30 मि० ग्रा० + एथिनाईल इस्ट्राडयोल 0.03 मि० ग्रा०)

 

असुरक्षित संभोग के बाद, 72 घंटों के अंदर, 4 गोलियां एक साथ लें और 12 घंटे के बाद 4 गोलियां एक साथ फिर से लें |

 

आपातकालीन गर्भ निरोधक से आपको सिरदर्द हो सकता है और जी मितला सकता है | इसलिए इन गोलियों को खाने के साथ लें और हो सकते तो उलटी रोकने की दवा भी साथ लें | अगर आप गोलियां लेने के 3 घंटे के भीतर उलटी कर देती हैं तो वह खुराक फिर से लें |

 

आपकी अगली माहवारी तक आपको या तो संभोग नहीं करना चाहिए या फिर कंडोम का प्रयोग करें | आपकी माहवारी आने के बाद आपको इच्छा अनुसार परिवार नियोजन का कोई साधन अपनाना चाहिए |

 

आपकी अगली माहवारी लगभग 2 सप्ताह में शुरू हो जानी चाहिए | अगर तब तक नहीं आती है तो इसका अर्थ है की आप आपातकालीन गर्भ निरोधक के प्रयोग के बावजूद शायद गर्भवती हो गई हैं | जब आपको गर्भ धारण का पूरा विश्वास न हो जाए, आपको अवरोधक साधन प्रयोग करते रहना चाहिए |

 

अन्य आपातकालीन साधन

मिनी पिल्स (केवल प्रोजेस्टिनगोलियां )

 

इन में इस्ट्रोजेन नहीं होता है, इसलिए संयुक्त गर्भनिरोधक गोलियां की तुलना में इनसे कम जी मितलाना है | ये गोलियां तभी कार्य करती हैं जब इन्हे असुरक्षित संभोग के बाद 72 घंटों के अंदर प्रयोग किया जाए |

 

मिनी पिल्स की 20 गोलियां एक साथ लें | 12 घंटों के बाद फिर 20 गोलियां एक साथ लें |

 

आई.यू.डी

 

यह भी निषेचित अंडे को गर्भधारण की भित्ती में स्थापित होने से रोकती हैं |

 

असुरक्षित संभोग के 5 दिनों के अंदर किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा आई.यु.डी लगवानी चाहिए | इसे अगले 5 वर्ष तक गर्भाशय में रखा जा सकता है और गर्भधारण से सुरक्षा पाई जा सकती है | अगर आपको एस.टी.डी का जोखिम है तो आई.यू.डी न लगवाएं | ( यौनिक हिंसा के मामलों में इस संभावना का ध्यान रखना चाहिए )|

 

अगर आपको परिवार नियोजन के किसी नये साधन के बारे में बताया जाता है तो इस साधन के विषय में आपने सारे प्रश्नों व चिंताओं के बारे में खुलकर चर्चा करना अवश्य सुनिश्चित करें कि आपको इसके बारे में निर्णय के लिए सारी जानकारी उपलब्ध हो और आप पर ऐसा कोई भी साधन अपनाने के लिए दबाव न डाला जाए तो आपके हित में नहीं है |

 

सर्वोतम साधन का चयन

इस अध्याय को पढ़ने के पश्चात अगर फिर भी आपके दिमाग में परिवार नियोजन के सर्वोतम साधन के बारे में दुविधा है तो नीचे दिया गया चार्ट आपकी सहायता कर सकता है | यह महत्वपूर्ण है कि आप ऐसा ही साधन चुनें जो आपकी आवश्यकताओं के एकदम अनुरूप है क्योंकि तभी आप इसे नियमित रूप से प्रयोग करेंगी और यह काफी प्रभावकारी होगा |

 

व्यक्तिगत आवश्यकता

 

शायद आप प्रयोग करना चाहें

आपको प्रयोग नहीं करना चाहिए

आपका साथी परिवार नियोजन में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेना चाहता है

हार्मोन युक्त साधन, आई.यू.डी., डायाफ्राम

पुरुष कंडोम, प्राकृतिक साधन

 

आपकी नियमित माहवारी के अतिरिक्त बीच-बीच में होने वाला स्त्राव आपको चिंतित करता है और आपके लिए कठिनाई उत्पन्न करता है

 

अवरोधक साधन, आई.यू.डी

हार्मोन युक्त साधन

आपको और बच्चे नहीं चाहिए

बंधीकरण, एप्लान्ट्स , आई,यू.डी., इंजेक्शन

प्राकृतिक साधन, अवरोधक साधन

चाहे आप कुछ भी कहें, आपका साथी परिवार नियोजन अपनाना नहीं चाहता हैं

 

इंजेक्शन, आई.यू.डी

अवरोधक साधन, गर्भ निरोधक गोली, प्राकृतिक साधन

आपको अपनी योनि छूने में ग्लानी होती है

हार्मोन युक्त साधन, पुरुष कंडोम

डायाफ्राम, महिला कंडोम

आपको अपने साथी से संभोग न करने या उसे बीच में समाप्त करना अच्छा नहीं लगता है |

 

आई.यू.डी, हार्मोन युक्त साधन

 

अवरोधक साधन, प्राकृतिक साधन

 

आपको शंका है कि शायद आपके साथी के अन्य महिलाओं के साथ संबंध हैं और वह आपको एस.टी.डी संचारित न कर दे |

 

पुरुष या महिला कंडोम या कंडोम के साथ अन्य साधन

आई.यू.डी, हार्मोन युक्त साधन

आपके एक से अधिक यौन साथी है और या आपको एस.टी.डी हो चूका है |

कंडोम

आई.यू.डी

आप सोचती हैं कि शायद आप अगले एक वर्ष में बच्चा चाहेंगी |

कंडोम, डायाफ्राम,प्राकृतिक साधन, संयुक्त गोली, “केवल प्रोजेस्टिनगोली

आई.यू.डी, इंजेक्शन एम्प्लान्ट्स

आप स्तनपान करा रही हैं

आई.यू.डी, कंडोम , शुक्राणु नाशक के साथ डायाफ्राम, मिनी पिल, “केवल प्रोजेस्टिनइंजेक्शन

 

संयुक्त गर्भ निरोधक गोली, इस्ट्रोजनयुक्त इंजेक्शन

आपको अभी तक गर्भ नहीं ठहरा है |

हार्मोन युक्त साधन, अवरोधक साधन

आई.यू.डी.

आप कुछ भी याद रखने का कष्ट नहीं करना चाहती हैं |

आई.यू.डी., एम्प्लान्ट्स इंजेक्शन

गर्भ निरोधक गोली, प्राकृतिक साधन

महिला का निर्णय

कभी कोई महिला अपने बच्चों के बीच उचित अंतर या उनकी संख्या सीमित तो रखना चाहती हैं परंतु उसे वह परिवार नियोजन नहीं अपना पाती हैं | ऐसा होने के कई कारण हैं-

 

उसे विभिन्न साधनों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है  |

कुछ गर्भ निरोधक साधन आसानी से नहीं मिलते हैं या परिवार के लिए बहुत महंगे होते हैं|

महिलाओं के लिए स्वास्थ्य या परिवार नियोजन की सेवाएं आस-पास उपलब्ध नहीं है या स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता परिवार नियोजन सेवाएं प्रदान करने में प्रशिक्षित नहीं है |

 

धार्मिक विश्वासों के कारण परिवार नियोजन अपनाने पर पाबंदी है |

महिला का पति परिवार नियोजन अपनाने के लिए राजी नहीं है |

पति का परिवार शादी के बाद जल्दी बच्चा चाहत है |

कभी-कभी साधनों का प्रयोग सरल नहीं होता है, उदहारणतया, प्राकृतिक साधनों के प्रयोग के लिए माहवारी का हिसाब रखना और साथी/ पति का सक्रिय सहयोग आवश्यक  हैं | ऐसा करना हमारे पुरुष, अनपढ़/ अधपढ़े समुदायों में काफी कठिन होता है |

 

यहां कुछ उन बातों की चर्चा की जा रही हैं जिनका पालन, लोगों के समूहों, महिलाओं को परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराने व परिवार सेवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए कर सकते हैं |

 

शिक्षा प्रदान करना

 

समाज के हर महिला, पुरुष, लड़के व लड़की को परिवार नियोजन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं | शिक्षा कार्यक्रम लोगों को परिवार नियोजन के फायदों के बारे में जाकारी दे सकते हैं और वे दपतियों को उनके लिए सर्वोतम साधन चुननें में सहायक हो सकते हैं | संभवत: आप महिलाओं तथा दंपतियों से परिवार नियोजन के विषय में उनके अनुभवों तथा आम चिंताओं के बारे में चर्चा की शुरुआत व अगुवाई कर सकती हैं | जब आप परिवार नियोजन के बारे में बात करे तो यौन संक्रमण रोगों तथा एच.आई.वी./एड्स की रोकथाम की चर्चा भी छेड़ें, विशेषत: उन क्षेत्रों में जहां प्रवासन काफी अधिक है |

 

परिवार नियोजन साधनों को कम कीमत पर उपलब्ध कराएं

 

स्थानीय कार्यकर्ता को परिवार नियोजन सेवाओं के लिए प्रशिक्षण दिलवाएं, महिलाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र खुलवायें या अपनी क्लिनिक में ये सेवाएं उपलब्ध करायें |

 

विस्तारित सेवा प्रदान करने वाले पुरुष स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित करें, ताकि वे पुरुषों को यह समझने में सहायता करें कि प्रजनन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है ताकि वे परिवार नियोजन की ज्म्मेवारी में अपनी भागीदारी कर सकें | पुरषों की मर्दानगीके बारे में विचारों को परिवर्तित करें ताकि वे परिवार नियोजन कार्यक्रमों में समर्थन देकर, अपने साथी के साथ भागीदारी निभा सकें | यह स्पष्ट करें कि पुरुषों के लिए परिवार नियोजन के साधन बहुत सरल हैं और उसे कोई बुरा असर नहीं होता है | समुदाय में अपने शिक्षा प्रयसों में वहां प्रचलित स्थानीय विश्वासों व धारणाओं को सम्मिलित करें जैसे कि लड़के की चाहत ; शादी के तुरंत पश्चात बच्चा होना आदि | इससे परिवार नियोजन को स्वीकार करने में सहायता मिलेगी |

 

परिवार नियोजन के बारे में स्थानीय धार्मिक धारणाओं व चिंताओं का ख्याल रखें, अगर परिवार नियोजन को किसी साधन को ऐसे तरीके से समझाया जा सकता है कि धार्मिक विश्वासों को ठेस न पहुंचे तो उस साधन की अधिक स्वीकार्यता होगी |

 

जब आप अपने समुदाय में परिवार नियोजन के बारे में चर्चा करें तो यह याद रखने व अन्य लोगों को बताने से सहायता मिलती हैं कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य व कुशलक्षेमता के लिए ही नहीं, बल्कि आपके समुदाय में हरेक के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए आवश्यक  हैं |

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