महिला व परिवार नियोजन क्यू जरूरी है
1.
भूमिका
2.
परिवार नियोजन के लाभ
3.
सुरक्षित परिवार नियोजन
4.
परिवार नियोजन अपनाने का निर्णय
5.
परिवार नियोजन के साधन का चयन
6.
परिवार नियोजन के अवरोधक साधन
7.
कंडोम
8.
महिलाओं के लिए कंडोम (महिला कंडोम)
9.
डायाफ्राम
10.
शुक्राणुनाशक साधन
11.
परिवार नियोजन के हार्मोनयुक्त साधन
12.
हार्मोन युक्त साधनों के दुष्प्रभाव
13.
गर्भ निरोधक गोली
14.
संयुक्त गर्भ निरोधक गोलियों के सामान्य दुष्प्रभाव
15.
गर्भनिरोधक इंजेक्शन
16.
“केवल प्रोजेस्टिन” इंजेक्शन
17.
आई.यू.डी. (आई.यू.सी.डी., कॉपर
टी, लूप)
18.
परिवार नियोजन के प्राकृतिक साधन
19.
गर्भ रोकने के घरेलू तथा पारंपरिक साधन
20.
बंधीकरण
21.
अन्य आपातकालीन साधन
22.
सर्वोतम साधन का चयन
23.
महिला का निर्णय
भूमिका
परिवार नियोजन का अर्थ है यह तय करना
कि आपके कितने बच्चे हों और कब हों ? अगर
आप बच्चे पैदा करने के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करना चाहते हैं तो अनके उपलब्ध साधनों
में से कोई एक साधन चुन सकते हैं | इन्हीं
साधनों को परिवार नियोजन के साधन, बच्चों
के जन्म के बीच अंतर रखने के साधन या गर्भ निरोधक साधन कहते हैं |
प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख महिलाएं गर्भधारण, प्रसव, तथा असुरक्षित गर्भपात की समस्याओं के कारण मृत्यु की शिकार हो जाती
है | इनमें अनके मौतों को परिवार नियोजन के
द्वारा रोका जा सकता है |
उदहारण के तौर पर, परिवार नियोजन गर्भ धारण के खतरों की
रोकथाम कर सकता है जो कि निम्नलिखित हैं :
अधिक जल्दी : 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों की प्रसव
के दौरान मरने की संभावना रहती है क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह से विकसित नहीं होता
है | उनको पैदा हुए बच्चों का भी पहले वर्ष
में ही मृत्यु हो जाने की आशंका अधिक रहती है |
अधिक देर : गर्भधारण से अधिक आयु की
महिलाओं को ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि उन्हें प्राय: अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी
होती है या उन्होंने पहले ही कई बच्चों को जन्म दिया हुआ होता है |
अधिक पास – गर्भों के बीच के काल में महिला के
शरीर को गर्भ धारण के प्रभावों से उबरने के लिए समय चाहिए|
अत्यधिक – 4 या उससे अधिक बच्चे पैदा करने वाली
महिला को प्रसव के पश्चात खून बहने व अन्य कारणों से मृत्यु का अधिक जोखिम होता है
|
परिवार नियोजन के लाभ
माताएं तथा बच्चे अधिक स्वस्थ होंगे
क्योंकि जोखिम पूर्ण गर्भों की रोकथाम हो जाती है |
बच्चों की कम संख्या का अर्थ है
प्रत्येक बच्चे के लिए अधिक भोजन बच्चों के जन्म को टालकर युवा महिलाओं व पुरुषों
को अपनी शिक्षा पूरी करने तथा अपना भविष्य सुदृढ़ करने का अवसर व समय मिलता है |
अगर बच्चे कम हैं तो आप एक दुसरे व
बच्चों के साथ अधिक समय गुजार सकते हैं |
परिवार नियोजन आपको व आपके साथी को
सहवास का अधिक आनंद उठाने में भी सहायता करता है क्योंकि अवांछित गर्भ का भय नहीं
रहता है | कुछ साधनों के अन्य स्वस्थ लाभ भी होते
हैं – उदहारण – कंडोम तथा शुक्राणुनाशकों से यौन संचारित रोगों से बचाव रहता है जिसमें एच.आई.वी./एड्स भी शामिल है | हार्मोन युक्त साधन महिला की माहवारी
में अनियमितता व दर्द में सहायक होते हैं तदापि परिवार नियोजन साधनों की
जिम्मेवारी व जोखिम को अपने जीवन काल के विभिन्न समयों में दोनों जीवन साथियों
द्वारा उठाना चाहिए |
सुरक्षित परिवार नियोजन
इस अध्याय में वर्णित सभी परिवार
नियोजन साधनों का विश्व में लाखों महिलाओं द्वारा प्रयोग किया जाता है | वास्तव में ये सभी साधन, गर्भधारण या प्रसव की तुलना में कहीं
अधिक सुरक्षित है |
भारत में कुपोषण तथा तपेदिक और मलेरिया
जैसे संक्रामक रोगों के कारण गर्भावस्था काफी जोखिमपूर्ण हो जाती है | परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता, आपातकालीन प्रसव संबंधित सेवाओं तक
आसान पहुंच और संक्रामक रोगों के बेहतर प्रबंधन से मातृ मृत्यु दर में बहुत कमी
लायी जा सकती है |
परिवार नियोजन अपनाने का निर्णय
उन समुदायों में, जहां निर्धन लोगों को समान अवसर नहीं
मिलते हैं या उन्हें डर रहता है कि जमीन, संसाधनों, स्वास्थ्य सेवाओं व सामाजिक लाभों के
आभाव में वे और उनके बच्चे जिंदा नहीं रह सकेंगे, वे अधिक बच्चों की चाहत रखते हैं | ऐसा इसलिए होता है कि सामाजिक सुरक्षा के आभाव में केवल बच्चे ही
अपने माता-पिता की वृद्धावस्था में देखभाल
करते हैं और काम में उनका हाथ बंटाते हैं | लड़का
पैदा करने के लिए पारिवारिक दबाव के कारण अनके महिलाओं को बार-बार गर्भधारण करने
पर मजबूर होना पड़ता है | इन स्थानों में कम बच्चे पैदा करना एक
ऐसा सौभाग्य होता है जो केवल अमीरों को ही प्राप्त हो सकता है |
अन्य महिलाएं बच्चों की संख्या सीमित
करना चाह सकती है | यह प्राय: तब होता है जब महिलाओं को
शिक्षित होने तथा आमदनी करने के अवसर मिलते हैं और वे पुरुषों से बराबरी से बात कर
सकती हैं |
चाहे महिला कहीं भी रहती हो, अगर बच्चों की संख्या और उनके पैदा
होने के समय पर नियंत्रण है तो वह अधिक स्वस्थ रहेगी | फिर भी, यह निर्णय लेना कि वह परिवार नियोजन का प्रयोग करना चाहती है कि नहीं, उसका अधिकार होना चाहिए क्योंकि उसके
शरीर को ही गर्भ का बोझ व बच्चों को पालने –पोसने
की जिम्मेदारी सहन करनी पड़ती है | इसके
अलावा, महिला का उसके अपने शरीर पर नियंत्रण
के अधिकार का हर समय सम्मान होना चाहिए ताकि उसका यौनिक शोषण व उत्पीडन न हो सके|
अपने पति से परिवार नियोजन के बारे में
बात करना
सबसे अच्छा तो यही है कि आप आपके पति
दोनों एक साथ मिलकर परिवार नियोजन तथा साधन के प्रयोग के बारे में मिलकर बातचीत
करें |
कुछ पुरुष नहीं चाहते हैं कि उनकी
पत्नियां परिवार नियोजन का प्रयोग करें क्योंकि उन्हें विभिन्न साधनों के कार्य
करने के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है | पुरुष
को अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता हो सकती है क्योंकि उसने परिवार
नियोजन साधनों के “खतरों”के बारे में कई बातें सुनी हुई होती है | उसे यह भी डर हो सकता है कि अगर महिला
पिरवार नियोजन साधन का प्रयोग करती है तो हो सकता है कि किसी अन्य पुरुष के साथ भी
सहवास करे | या फिर, वह यह भी सोच सकता है कि अधिक बच्चे पैदा करना “मर्दानगी” की निशानी है | एक और आम धारणा यह भी है कि कंडोम
सहवास के आनंद में बाधक होता है या नसबंदी कराने से उनके पौरुष में कमी आ जाएगी|
इस अध्याय में दी गई जानकारी को अपने
पति से बांटने का प्रयास करें | इससे
उसे यह समझने में आसानी होगी कि –
परिवार नियोजन अपनाने से उसे आपकी व
आपके बच्चों की बेहतर देखभाल करने में सहायता मिलेगी |
बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखना आपके
व बच्चों के हित में है |
परिवार नियोजन आप दोनों के बीच सहवास
को और अधिक आनंदमय बना सकता है क्योंकि आप दोनों को अनचाहे गर्भ का भय नहीं रहेगा|परिवार नियोजन साधन अपनाने का अर्थ यह
नहीं है कि आप दुसरे पुरुषों से सहवास करेंगी |
अगर आपके पति परिवार नियोजन के इन
लाभों के विषय में जानकार भी आपको परिवार नियोजन का साधन नहीं अपनाने देना चाहते
हैं तो यह निश्चय आपको करना होगा कि आप फिर भी इसे अपनाना चाहती हैं या नही | अगर आप ऐसा निर्णय करती है तो आपको ऐसा
कोई साधन अपनाना होगा जिसके बारे में आपके पति को पता न चले |


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