जब आपके पास नामांकन के दौरान जरूरी कागज़ात हो।
जैसे- आधार कार्ड या पैन कार्ड मतदाता पहचान-पत्र पासपोर्ट साइज फोटो मूल निवास प्रमाण पत्र आरक्षित श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र शौचालय का शपथ-पत्र सरकारी कर्मचारी नहीं होने का शपथ पत्र अभ्यर्थी के परिवार की आर्थिक स्थिति, चल-अचल सम्पति, शैक्षणिक योग्यता आदि के बारे में शपथ-पत्र जो 50 रुपए के स्टॉम्प पर प्रस्तुत करना होगा और शपथ-पत्र नोटरी से प्रमाणित होना भी अपेक्षित है।
नोट- आपको बता दें, अलग-अलग राज्यों में कुछ दस्तावेज अलग
भी हो सकते है जिसके लिए आप पंचायत चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ब्लॉक/खंड
कार्यालय में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरपंच के शक्तियाँ सरपंच को ग्रामसभा तथा ग्राम पंचायत की
बैठक बुलाने और अध्यक्षता करने की शक्तियाँ प्राप्त है। ग्राम पंचायत की कार्यकारी और वित्तीय
शक्तियाँ सरपंच को प्राप्त होती है। ग्राम पंचायत के अधीन कार्यरत कर्मचारियों के कार्यों पर भी
प्रशासकीय देखरेख और नियन्त्रण रखने का अधिकार सरपंच को है। सरपंच की जिम्मेदारियाँ गाँव का मुखिया होने के नाते सरंपच
ग्रामसभा की बैठकों की भी अध्यक्षता करता है। प्रतिवर्ष ग्रामसभा की कम से कम 4
बैठकें आयोजित करना सरपंच का अनिवार्य दायित्व है। सरपंच को चाहिए कि गाँव में
सर्वांगीण विकास के लिए कई कदम उठाए।सरपंच को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि
ग्रामसभा की बैठकों में दिए गए सुझावों पर प्राथमिकता के साथ चर्चा की जाए। ग्राम सभा की बैठकों में लोगों की
व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरपंच को उपाय करने चाहिए।सरपंच को सभी
वर्गों के लोगों, खासकर SC/ST, पिछड़े वर्गों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके
अलावा सभी को अपनी शिकायतों को दर्ज करने और ग्रामसभा में सुझाव देने के लिए
प्रोत्साहित करना चाहिए।
पंचायत राज अधिनियम-1992 के अनुसार सरपंच ग्रामसभा की बैठक आयोजित करने के
लिए भी बाध्य है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो ग्रामसभा द्वारा इसकी शिकायत उच्च
अधिकारियों से की जा सकती है। सरपंच
के कार्य सरपंच गाँव का मुखिया होता है उसे गाँव
के मुखिया के रूप में गाँव की भलाई के लिए फैसले लेने होते हैं। मुख्य रूप से
सरपंच निम्नलिखित कार्य करता है। जैसे-गाँव
में सड़कों का रखरखावपशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देनासिंचाई के साधन की व्यवस्थादाह
संस्कार व कब्रिस्तान का रखरखाव करनाप्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देनाखेल का मैदान व
खेल को बढ़ावा देनास्वच्छता अभियान को आगे बढ़ानागरीब बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा
की व्यवस्थाआँगनवाड़ी केंद्र को सुचारु
रूप से चलाने में मदद करना सरपंच को पद से हटाने की प्रक्रिया यदि सरपंच गाँव की प्रगति के लिए ठीक
से काम नहीं कर रहा है तो इसकी लिखित शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी या संबंधित
अधिकारी से की जाती है। लिखित शिकायत में ग्राम पंचायत के आधे सदस्यों के हस्ताक्षर होने ज़रूरी होते हैं।
सूचना में पदमुक्त करने के सभी कारणों का उल्लेख होना चाहिए। हस्ताक्षर करने वाले
ग्राम पंचायत सदस्यों में से तीन सदस्यों का जिला पंचायतीराज अधिकारी के सामने
उपस्थित होना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट
सही पाए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी गाँव में एक बैठक बुलाता है जिसकी सूचना
कम से कम 15 दिन पहले सरपंच और ग्रामीणों को दे दी
जाती है। अविश्वास प्रस्ताव पर ग्रामीण, वार्ड पंच और सरपंच को बहस का मौका
दिया जाता है। सभी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हैं। इसके बाद अविश्वास
प्रस्ताव पर मतदान कराई जाती है। यदि अविश्वास-प्रस्ताव पर सदस्यों के 2/3 ज्यादा बहुमत मिलने पर प्रधान को पद
से हटा दिया जाता है। अविश्वास प्रस्ताव के नियम आपको बता दें, पंचायती राज अधिनियम के अनुसार कुछ
राज्यों में अविश्वास प्रस्ताव सरपंच के निर्वाचित होने के बाद दो वर्षों तक और
कार्यकाल के अंतिम छ: महीनों के शेष रहने के दौरान नहीं लाया जा सकता है।
यदि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
पारित नहीं होता है तो अगले एक वर्ष तक पुन: अविश्वास
प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है।संक्षेप में कहें तो सरपंच का पद बहुत ही
महत्वपूर्ण और जिम्मेदारियों वाला है। यदि ग्राम पंचायत किसी गाँव के विकास के लिए
रीढ़ की हड्डी है, तो सरपंच या गाँव का मुखिया उस रीढ़ की
हड्डी को अपने अच्छे कामों से मज़बूती देता है।
कौन से काम पंचायत को करने हैं तो हम
भी सरपंच से पूछ सकते हैं।'
धीरेन्द्र सिंह, जतरी गांव, रीवा, मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले के जतरी गाँव के धीरेन्द्र
सिंह कहते हैं, "हमारे यहां पंचायत में सरपंच होते हैं, लेकिन कभी कोई किसी योजना के बारे में
नहीं बताता है, अगर हम लोगों को पता हो कि कौन कौन से
काम पंचायत को करने हैं तो हम भी सरपंच से पूछ सकते हैं।' मुख्य रूप से ग्राम पंचायत की होती हैं
ये जिम्मेदारियां गाँव के रोड को पक्का करना, उनका
रख रखाव करना ग्राम पंचायत में जितनी भी कच्ची-पक्की सड़कों का निर्माण होता है, सभी ग्राम प्रधान को ही देखने होते हैं, साथ ही पानी निकासी के ड्रेनेज की भी
व्यवस्था भी करनी होती है। ये भी पढ़ें- 'प्रधान
भी सांसद-विधायक की तरह जनप्रतिनिधि , 3500 रुपए के मासिक भत्ते को कई गुना बढ़ाया जाए' गाँव में पशुओं के पीने के पानी की
व्यवस्था करना इसमें ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है कि ग्रामीणों के पशुओं के
पीने के पानी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी होती है। पशु पालन व्यवसाय को बढ़ावा
देना, दूध बिक्री केंद्र और डेयरी की
व्यवस्था करना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास पशुपालन कमाई का एक जरिया होता
है, लेकिन पशुपालकों को दूध बिक्री की
समस्या होती है, इसलिए पंचायत स्तर पर दूध बिक्री
केंद्र व डेयरी की व्यवस्था होनी चाहिए। पशुपालन के लिए जानकारी, उनका टीका और उनका उपचार कराना भी
पंचायती राज्य के अंतर्गत रखा गया है ताकि पशुपालन ज्यादा फायदेमंद हो। सिंचाई के
साधन की व्यवस्था किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए सरकारी ट्यूबवेल की व्यवस्था, नहर से निकली नालियों की साफ-सफाई का
काम भी ग्राम पंचायत को देखना होता है। गाँव में स्वच्छता बनाये रखना ग्रामीण
क्षेत्र में नालियों की साफ-सफाई, गाँव
में दवाइयों का छिड़काव, साथ एएनएम, आशा बहु टीका लगा रहीं हैं कि नहीं ये
भी देखना होता है। गाँव के सार्वजनिक स्थानों पर लाइट्स का इंतजाम करना ग्राम
पंचायत के सार्वजनिक स्थान,
जैसे मंदिर, मस्जिद आदि स्थानों पर लाइट की
व्यवस्था करनी होती है, ताकि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त उजाला
रहे। दाह संस्कार व कब्रिस्तान का रख रखाव करना पंचायत में अलग-अलग धर्म व समुदाय
के लोगों के लिए दाह संस्कार स्थल व कब्रिस्तान की देख रेख भी ग्राम पंचायत को
करनी होती है। कब्रिस्तान की चाहरदिवारी का निर्माण भी ग्राम प्रधान को कराना होता
है। कृषि कार्यक्रमों में हिस्सा लेना गाँवों में खेती-किसानी को बढ़ावा देने के
लिए समय-समय पर कृषि गोष्ठी करानी होती है, ताकि
किसानों को नई जानकारियां मिलती रहें। कृषि को बढ़ावा देने वाले प्रयोगों
प्रोत्साहित करना अगर कोई किसान कृषि क्षेत्र में नया प्रयोग करता है तो उसे
प्रोत्साहित करना होता है,
जिससे दूसरे किसान भी उनसे जानकारी ले
सकें। गाँव में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देना गाँव में बच्चों को बेहतर शिक्षा
देने के लिए, समय-समय पर जागरूकता रैली निकालने, घर-घर जाकर लोगों को शिक्षा का महत्व
समझाना ताकि वो अपने बच्चों को विद्यालय भेजें। खेल का मैदान व खेल को बढ़ावा देना
बच्चों के लिए खेल के मैदान का इंतजाम करना व खेल कूद से सम्बंधित सामान की
व्यवस्था करना। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता कराकर बच्चों में खेल और पढाई की
भावना को प्रोत्साहित करना। स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाना स्वच्छता अभियान को आगे
बढ़ाना, गाँव में सार्वजनिक शौचालय बनाना व
उनका रख रखाव करना। जिनके घर में शौचालय का निर्माण हो गया है, उन्हें शौचालय प्रयोग करने के लिए
प्रेरित करना और लोगों को स्वच्छता अभियान का महत्व समझाना। गाँव की सड़कों और
सार्वजनिक स्थान पर पेड़ लगाना गाँव को हरा-भरा बनाने के लिए गाँव की सड़कों और
सार्वजनिक स्थान पर पेड़ लगाना और दूसरों को प्रोत्साहित करना, साथ ही उसका उनका रख रखाव करना। बेटी
बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम को आगे बढ़ाना बेटियों को बढ़ावा देने के लिए बेटी बचाओ बेटी
पढ़ाओ स्कीम को आगे बढ़ाना,
जिससे लोग अपनी बेटियों को स्कूल
भेजें। जन्म मृत्यु विवाह आदि का रिकॉर्ड रखना ग्राम पंचायत में जन्म मृत्यु विवाह
आदि का रिकॉर्ड रखना, जिससे जनगणना जैसे कामों में आसानी आ
जाए। इसके बारे में प्रशासन को समय-समय पर सूचित करना होता है। गरीब बच्चों के लिए
मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था शिक्षा के अधिकार के तहत एक से लेकर आठवीं तक बच्चों की
शिक्षा की मुफ्त व्यवस्था करना। गाँव में भाई चारे का माहौल बनाना गाँव में किसी
धर्म या समुदाय में लड़ाई-झगड़े न हो ऐसा माहौल बनाना, झगड़ों को सुलझाना व दोस्ताना माहौल
पैदा करना। आंगनबाड़ी केंद्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करना ग्राम पंचायत
स्तर पर बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं के
स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की होती है, वो काम कर रही हैं कि नहीं, सभी को पोषाहार मिल रहा है कि नहीं ये
सब देखने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होती है।
मछली पालन को बढ़ावा देना मनरेगा योजना के तहत मछली पालन को प्रोत्साहित
करने के लिए तालाबों की खुदाई ग्राम पंचायत के कार्यों में शामिल किया गया है। अगर
किसी ग्रामीण क्षेत्र में नदियां हैं तो उनका संरक्षण व मछली पालन भी ग्राम पंचायत
के कार्यों में शामिल किया गया> उत्तर
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं, लेकिन बजट आने के बाद लोगों में यह
जानने की भी उत्सुकता रहती है कि अब क्या सस्ता होगा, क्या महंगा होगा, तो आइये पूरी लिस्ट देखते हैं।
ग्राम सभा के कर्तव्य, शक्तियां और जिम्मेदारियां
ग्राम सभा के निम्नलिखित महत्वपूर्ण और
विशिष्ट कार्य हैं:
ग्राम सभा में सरपंच की भूमिका
ग्राम सभा के लिए व्यवस्थाएं
ग्राम सभा बैठक से पहले के कर्तव्य
ग्राम सभा बैठकों के दौरान के कर्तव्य
ग्राम सभा बैठकों के बाद के कर्तव्य


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