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पवित्र शास्त्र और भजन संहिता  नीति वचन

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अध्याय-यूहन्ना Chapter-John

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क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया कि जो कोई उसे पर विश्वास करें वह नष्ट ना हो परंतु अनंत जीवन पाए क्योंकि परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा की जगत को दोषी ठहराया परंतु इसलिए की जगत उसके द्वारा उद्धार किया जाए जो उसे परविश्वास करता है वह दोषी नहीं ठहराया जाता जो विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहराया जा चुका है क्योंकि उसने परमेश्वर के इकलौती पुत्र की नाम पर विश्वास नहीं किया और दोष यह है कि ज्योति जगत में आ चुकी है परंतु मनुष्यों ने ज्योति की अपेक्षा अंधकार को अधिक प्रिया जाना क्योंकि उनके कार्य बुरे थे क्योंकि प्रत्येक जो बुराई करता है ज्योति से बैर रखना है और ज्योति के पास नहीं आता कि कहीं उसके कार्यप्रकट न हो जाए परंतु वह जोगार्डन के उसे पर तेरे साथ थाऔर जिसकी तूने साक्षी दी है देख वह प्रतिमा दे रहा है और सब लोग उसके पास आ रहे हैं उत्तर देते हुए कहा जब तक किसी मनुष्य को स्वर्ग से ना दिया जाए तब तक वह कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकता तुम स्वयं मेरी साक्षी देते हो कि मैंने कहा था मैंने मसीह नहीं परंतु उसके आगे भेजा गया हूं दूल्हा वही है जिसकी दुल्हन है परंतु दूल्हे का मित्र जो खड़ा हुआ उसकी सुनता है दूल्हे की आवाज सुनकर आनंद विभोर हो उठता है और इसी प्रकार मेरा यह आनंद पूरा हुआ है आवश्यक है कि वह बड़े औरमैं घाटूनजो ऊपर से आता है वह सबसे बढ़कर है जो पृथ्वी से है वह पृथ्वी का है और पृथ्वी की बातें करता है वह जो स्वर्ग से आता है सबसे बढ़कर है जो कुछ उसने देखा और सुना है वह उसी की साक्षी देता है फिर भी कोई मनुष्य उसकी साक्षी ग्रहण नहीं करता जिसनेउसकी साक्षी ग्रहणनहीं करताजिसने उसकी साक्षी ग्रहण कर ली है उसने इस बात पर मोहर लगा दी है कि परमेश्वर सच्चा है क्योंकि जिसे परमेश्वर ने भेजा है वह परमेश्वर की बातें करता है क्योंकि वह बिना किसी नाप के उसे आत्मा देता है पिता पुत्र से प्रेम करता है और उसने उसी के हाथ सब कुछ सौप दिया है जो पुत्र पर विश्वास करता है अनंत जीवन उसका परंतु वह जो पुत्र की नहीं मांगता जीवन नहीं देखेगा परंतु परमेश्वर का प्रकोप उसे पर बना रहता है

अध्याय-यूहन्ना Chapter-John

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यीशु और समरी स्त्री Jesus and the Samaritan Woman Relations


फिर जब प्रभु को मालूम हुआ की फरीसियों ने सुना है कि यीशु यूहन्ना से अधिक केले बनता और उनको बिपति सम देता है यद्यपि यीशु स्वयं नहीं वरन उसके चेले वापस देते रहेतो वह यह दिया को छोड़कर फिर गैलील की ओर से चला और उसे समरिया में से होकर जाना था आता है वह सांवरिया की सुखार नामक एक नगर में आया जो उसे भूमि के पास है जिसे याकूब ने अपने पुत्र यूसुफ को दिया था और याकूब का कुआं भी वही था अतः यात्रा से ठक्कर यीशु कुएं के पासजाम ही बैठा था उसे समय लगभग 12:00 बजे थी इतने में वहां एक समरी स्त्री जल भरने आई यीशु ने उससे कहा मुझे पानी पिला क्योंकि उसके चेले भजन माल लेने के लिए नगर में गए हुए थे इसलिए उसे समरी स्त्री ने उससे कहा यह कैसी बात है कि तू यहूदी होते हुए भी मुझे पानी मांगता है जबकि मैं एक समरी स्त्री हूं क्योंकि यहूदी तो समरिया के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते यीशु ने उत्तर देते हुए उससे कहा यदि तू परमेश्वर की वरदान को जानती और यह भी कि वह कौन है जो तुझसे कहता है मुझे पानी पिला तो तू उसे मांगती और वह तुझेजीवन का जलदेता स्त्री ने उससे कहा हे प्रभु तेरे पास जल भरने को कुछ नहीं है और कुआं गहरा है तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया क्या तू हमारे पिता या खूब से भी बढ़कर है जिसने हमें यह कुआं दिया और जिसमें से उसने स्वयं तथा उसकी संतान और उसके पशुओं ने भी पिया यीशु ने उत्तर देते हुए उससे कहा प्रत्येक जो इस जाल में से पीता है वह फिर प्यासा होगा परंतु जो कोई उसे जल में सेजो मैं उसे दूंगा पिएगा वह फिर कभी प्यास ना होगा परंतु वह जल जो मैं उसे दूंगा वह उसमें अनंत जीवन तक के लिए उमराने वाला जल का सताबन जाएगा स्त्री ने उससे कहा हे प्रभु यह जल मुझे भी दे जिससे कि मुझे फिर प्यास ना लगे और ना ही जल भरने यहां तक आना पड़े यीशु ने उससे कहा जा अपने पति को यहां बुलाने स्त्री ने उत्तर देते हुए उससे कहा मेरा कोई पति नहीं है यीशु ने उससे कहा तूने ठीक ही कहा मेरा कोई पति नहीं है क्योंकि तेरे पांच पति हो चुके हैं और अब जो तेरे पास है वह भी तेरा पति नहीं है यह तूने सच ही कहाहै उसे स्त्री ने उससे कहा हे प्रभु मुझे लगता है कि तू नबी है हमारे पूर्वजों ने इस पर्वत पर आराधना की और तुम रहते हो कि वह स्थान जेरूसलम है जहां मनुष्यों को आराधना करनी चाहिए यीशुने उससे कहा यीशु ने उससे कहा है नई मेरा विश्वास कर कीएक समय आ रहा है जब तुम ना तो इस पर्वत पर और ना ही यरुशलम में पिता की आराधना करोगी तुम उसकी आराधना करते हो जिसे तुम नहीं जानती हम उसकी आराधना करते हैं जिसे हम जानते हैं क्योंकि उधर यहूदियों में से हैपरंतु वह समय आ रहा है वरन आ गया है जब सच्चे आराध्यापक पिता की आराधना आत्मा और सच्चाई से करेंगे क्योंकि पिता अपने लिए ऐसे ही आराधक चाहता है परमेश्वर आत्मा है और आवश्यक है कि उसके आराधक आत्मा और सच्चाई से उसकी आराधना करें स्त्री ने उससे कहा मैं जानती हूं कि मसीह जो फर्स्ट कहलाता है आने वाला है जब वह आएगा तो हमें सब कुछ बता दे यह सुनउससे कहा मैं जोतुझे बोल रहा हूं वही हूंआमीन हालेलुया हालेलुया परमपिता परमेश्वर सभी को स्वस्थ और चंगा रखेंइस प्रार्थनाके द्वारा हम प्रभु से निवेदन करते हैं किहमारे जितने भी भाई-बहनप्रभु यीशु मसीह के दरबार मेंजाते हैं उनको स्वस्थ रखे चंगा रखें और अच्छा रखें उनके जीवन में हमेशा बधाई होते रहे वह लोग सभी आगे बढ़ते रहें सच्चाई के रास्ते पर चलें और बुराई से हमेशा दूर रहे परमपिता परमेश्वर सभी को आशीर्वाद दे ताकि सभी लोग अपने जीवन में अच्छा काम करें और अपना और अपने परिवार का नाम आगे बढ़ाएंजय प्रभु यीशु मसीह कीप्रभु यीशु की लहू की जय जय कारयहो परमेश्वर की जय जयकार हो  आमीन आमीन आमीन

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