How to warn against defamation in journalism,पत्रकारिता में मानहानि के विरुद्ध चेतावनी कैसे करे

How to warn against defamation in journalism,पत्रकारिता में मानहानि के विरुद्ध चेतावनी कैसे करे

 


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ग्लोबल मीडिया एड्स इनिशिएटिव

 

              विकास संप्रेषण प्रभाग को संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान द्वारा जनवरी, 2004 में आरंभ किए गए ग्लोबल मीडिया एड्स इनिशिएटिव (जीएमएआई) का भागीदार होने का विशिष्ट गौरव प्राप्त है । इस प्रभाग ने भारत के प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एचआईवी/एड्स संबंधी राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भी सक्रिय रूप से भाग लिया । अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त सिनेस्टार रिचर्ड गेरे ने विशेष अतिथि के रूप में शिखर सम्मेलन में भाग लिया । प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अपनी प्रस्तुति में कल्याणी और जासूस विजय की उपलब्धियों का उल्लेख किया । दूरदर्शन की पहल की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय सूचना, प्रसारण और संस्कृति मंत्री ने कहा कि अन्य मीडिया को एचआईवी/एड्स संवाद में दूरदर्शन का अनुकरण करना चाहिए ।

 

      जीएमएआई के साथ सहयोग करते हुए विकास संप्रेषण प्रभाग ने हीरोज प्रोजेक्ट में भागीदारी  की । एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्ति रिकी पर एक लघु वृत्तचित्र का शिलांग, गुवाहाटी में निर्माण किया गया तथा असम से कल्याणी कार्यक्रम में इसका प्रसारण किया गया । इस वृत्तचित्र को अन्य भाषाओं में भी डब किया गया ।

 

      विकास संप्रेषण प्रभाग की यूनीसेफ, कैंसर फैमिली फाउंडेशन, एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ ब्रॉडकास्ट डेवलपमेंट,फोर्ड फाउंडेशन तथा यूरोपीय संघ के साथ भागीदारी रही है । ये भागीदारियां एचआईवी/एड्स के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए क्षमता निर्माण कर रही हैं और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का आदान-प्रदान कर रही हैं ।

 

 कल्याणी 

 

विकास संप्रेषण प्रभाग ने मई, 2002 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से कल्याणी कार्यक्रम शुरू किया था । आरंभ में यह कार्यक्रम मलेरिया, एचआईवी/एड्स, कैंसर, क्षयरोग, आयोडीन की कमी, तंबाकू संबंधी और पानी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में विश्व तंबाकू निषेध दिवस (वर्ल्ड नो टोबेको डे) की पूर्वसंध्या पर एक साप्ताहिक कार्यक्रम के रूप में एक वर्ष के लिए शुरू किया गया था । बाद के वर्षों में इसमें कुष्ठरोग, अंधापन नियंत्रण और आहार सुरक्षा जैसे अन्य विषय जोड़ दिए गए ।

 

उत्कृष्ट परस्पर प्रभावी, अभिनव फार्मेटों, प्रस्तुतिकरण की बेजोड़ शैली, समेकित दृष्टिकोण और कल्याणी हैल्थ क्लब स्थापित करने की उत्कृष्ट पहल की वजह से इस कार्यक्रम की प्रभावकारी शक्ति बहुत ही जल्दी साबित हो गई । इससे अक्तूबर, 2002 में रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हैल्थ के संबंध में एक और साप्ताहिक कार्यक्रम कल्याणी-।। के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ । कल्याणी-।। के फलस्वरूप कल्याणी कार्यक्रम प्राप्त करने वाले अन्य आठ राज्यों में पहाड़ी राज्य उत्तरांचल भी जुड़   गया । इस समय कल्याणी कार्यक्रम तीन भाषाओं और छह बोलियों में दूरदर्शन के 21 केन्द्रों से सप्ताह में चार बार प्रसारित किया जाता है और दो बार पुन: प्रसारित किया जाता है ।

 

सर्वाधिक पिछड़े और सघन आबादी वाले नौ राज्यों के लक्षित दर्शकों पर इसके प्रभाव से स्पष्ट होता है  कि कल्याणी की प्रतिक्रिया अत्यधिक उत्साहवर्धक रही है। इस समय कल्याणी कार्यक्रम अपने पांचवें वर्ष में सफलतापूर्वक चल रहा है ।

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